देहरादून के स्कूल में हुई घटना को लेकर शिक्षा रत्न डॉ. अभिनव कपूर ने दिया बड़ा बयान
डॉ. अभिनव कपूर ने कहा कि देहरादून के प्रसिद्ध स्कूल में घटित हुई इस घटना ने जहां सभी को झकझोर दिया है तो वहीं समाज में शिक्षकों की प्रतिष्ठा, मान-सम्मान व भूमिका पर भी गहरा प्रश्न चिन्ह लगा दिया है।

देहरादून। हाल ही में देहरादून के एक नामी स्कूल में एक छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया। इस घटना ने जहां सभी को हैरान कर दिया तो वहीं, गुरु और शिष्या के रिश्तों पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। इस गंभीर एवं संवेदनशील मुद्दे पर प्रसिद्ध समाजसेवी, विख्यात शिक्षक एवं शिक्षा रत्न की उपाधि से सम्मानित डॉ. अभिनव कपूर ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
शिक्षा रत्न डॉ. अभिनव कपूर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु वह मार्गदर्शक या शिक्षक है जो व्यक्ति के जीवन से अज्ञान रूपी अंधकार को हटाकर ज्ञान और सही दिशा का प्रकाश फैलाता है। गुरु केवल किताबी शिक्षा देने वाला ही नहीं होता, बल्कि वह जीवन के भ्रम, संशयों और कठिनाइयों को दूर कर आत्मज्ञान या ईश्वर से जुड़ने का मार्ग दिखाता है। गुरुजनों पर विद्यार्थियों को सही ज्ञान प्रदान करने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है, गुरु ही अपने मार्गदर्शन से भावी पीढ़ी को सही राह दिखाकर एक सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में किसी गुरू पर उनके ही शिष्यों द्वारा अभद्रता किये जाने के आरोप लगाना वाकई गंभीर विषय है।
डॉ. अभिनव कपूर ने कहा कि हम ये नहीं जानते कि इस मामले में कौन दोषी है और कौन निर्दोष किंतु इस घटना ने शिक्षकों की छवि पर दाग लगाने का कार्य किया है और गुरू-शिष्या के रिश्ते पर क़ई सवाल उठाए हैं। देहरादून के चर्चित स्कूल में घटित इस घटना में जहाँ छात्रा व उसके परिजनों ने शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाकर उन्हें कटघरे में खड़ा किया है, तो वहीं आरोपी शिक्षक अपनी सफाई पेश करते हुए स्कूल के सभी विद्यार्थियों को अपने बच्चों के समान बता रहे हैं और इस मामले में माफी भी मांग चुके हैं। मामले के तूल पकड़ने के बीच आरोपी शिक्षक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा और कहा कि उनके 25 साल के शिक्षण करियर में पहली बार इस तरह का आरोप लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जाने-अनजाने कोई गलती हुई है तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं।
डॉ. अभिनव कपूर ने कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन द्वारा आरोपी शिक्षक को निलंबित किये जाने की जानकारी भी सामने आई है। वहीं देहरादून पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर आरोपी शिक्षक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच के लिए महिला पुलिस अधिकारी को नियुक्त किया गया है। पुलिस जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। फिलहाल शिक्षक और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
डॉ. अभिनव कपूर ने कहा कि देहरादून के प्रसिद्ध स्कूल में घटित हुई इस घटना ने जहां सभी को झकझोर दिया है तो वहीं समाज में शिक्षकों की प्रतिष्ठा, मान-सम्मान व भूमिका पर भी गहरा प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी गहनता से और बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष जाँच की जानी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाए उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए सख्त सजा दी जानी चाहिए, जिससे समाज में सही व सकारात्मक संदेश जाए।




