केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी बयान

संसद का शीतकालीन सत्र: परमाणु ऊर्जा, उत्पाद शुल्क पर विधेयक एजेंडे में; सर के लिए विपक्ष ने कमर कस ली है
इसमें कहा गया है कि भारत ने पहले ही अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से पूरा कर लिया है, और पेरिस समझौते के तहत अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान से पांच साल पहले लक्ष्य हासिल कर लिया है। 31 अक्टूबर तक, देश की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 259 गीगावॉट है, जिसमें चालू वित्त वर्ष में 31.2 गीगावॉट जोड़ा गया है।मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि वित्तपोषण केवल मॉड्यूल निर्माण तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सौर ग्लास और एल्यूमीनियम फ्रेम जैसी सहायक वस्तुओं के साथ-साथ सेल, सिल्लियां, वेफर्स और पॉलीसिलिकॉन जैसे अपस्ट्रीम सेगमेंट तक भी विस्तारित होना चाहिए।सरकार ने सौर पीवी विनिर्माण में भारत को आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक मूल्य श्रृंखला में अपनी स्थिति मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उच्च दक्षता वाले मॉड्यूल के लिए पीएलआई जैसी योजनाओं द्वारा समर्थित, भारत की मॉड्यूल निर्माण क्षमता 2014 में 2.3 गीगावॉट से बढ़कर एएलएमएम पर सूचीबद्ध 122 गीगावॉट हो गई है।एमएनआरई ने कहा कि वह भारत के सौर क्षेत्र को “समावेशी, प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए तैयार” बनाए रखने के लिए नीति समर्थन, बुनियादी ढांचे के विकास और हितधारक जुड़ाव को जारी रखेगा।
(टैग्सटूट्रांसलेट)भारत(टी)भारत समाचार(टी)भारत समाचार आज(टी)आज की खबर(टी)गूगल समाचार(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय(टी)नवीकरणीय ऊर्जा वित्तपोषण(टी)सौर विनिर्माण क्षमता भारत(टी)गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोत(टी)सौर पीवी विनिर्माण(टी)पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन(टी)भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी(टी)नवीन और नवीकरणीय मंत्रालय ऊर्जा




