अनुवाद, विभिन्न संस्कृतियों और सभ्यताओं के बीच एक पुल है : डॉ. अभिनव कपूर
जनसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने कहा- प्रत्येक वर्ष 30 सितंबर को 'अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस' मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य भाषा विशेषज्ञों, अनुवादकों और दुभाषियों के काम को सम्मान देना और दुनिया भर में संवाद, शांति एवं सहयोग को बढ़ावा देना है।

देहरादून। प्रसिद्ध जनसेवी, विख्यात शिक्षक, ज्ञान कलश सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष एवं शिक्षा रत्न की उपाधि से सम्मानित डॉ. अभिनव कपूर ने “अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस” के अवसर पर सभी लोगों से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
इस अवसर पर जारी अपने संदेश में शिक्षा रत्न डॉ. अभिनव कपूर ने कहा- समस्त अनुवादकों एवं लेखकों को “अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस” के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। अनुवाद, विभिन्न संस्कृतियों और सभ्यताओं के बीच एक पुल है।

जनसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने कहा- प्रत्येक वर्ष 30 सितंबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस’ मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य भाषा विशेषज्ञों, अनुवादकों और दुभाषियों के काम को सम्मान देना और दुनिया भर में संवाद, शांति एवं सहयोग को बढ़ावा देना है।
समाजसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने कहा- भाषाएँ अलग हो सकती हैं, लेकिन मनुष्य की संवेदनाएँ एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। किसी माँ की ममता, किसी कवि की पीड़ा, किसी विचारक का चिंतन और किसी समाज का संघर्ष- इन सबको भाषा की सीमाओं के पार पहुँचाने में अनुवादकों का अमूल्य योगदान है। अनुवाद केवल शब्द बदलने का काम नहीं; अर्थ, भावना और संस्कृति को पूरी जिम्मेदारी के साथ दूसरी भाषा में पहुँचाने की कला है। एक अच्छा अनुवादक लेखक के विचारों और पाठक की समझ के बीच ऐसा पुल बनाता है, जिस पर चलकर अपरिचित दुनिया भी अपनी लगने लगती है।




