उत्तराखण्ड

नारी सशक्तिकरण के प्रबल समर्थक राजा राम मोहन राय की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन : वंशिका सोनकर

राजा राम मोहन राय के महान कार्यों एवं उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए जनसेवी वंशिका सोनकर ने कहा, राजा राम मोहन राय एक भारतीय सामाजिक-शिक्षा सुधारक थे, जिन्हें “आधुनिक भारत के निर्माता”, “आधुनिक भारत के पिता” और “बंगाल पुनर्जागरण के पिता” के नाम से भी जाना जाता था।

देहरादून। युवा भाजपा नेत्री, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं वार्ड संख्या 18 इंदिरा कॉलोनी की नगर निगम पार्षद वंशिका सोनकर ने भारत के महान समाज सुधारक राजा राम मोहन राय की जयंती पर उनका भावपूर्ण स्मरण कर उन्हें सादर नमन किया।

इस अवसर पर जारी अपने संदेश में पार्षद वंशिका सोनकर ने कहा, ब्रह्म समाज के संस्थापक एवं नारी सशक्तिकरण के प्रबल समर्थक राजा राम मोहन राय जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं शत-शत नमन! समाज सुधार, महिला शिक्षा और कुरीतियों के उन्मूलन हेतु उनके ऐतिहासिक प्रयासों ने आधुनिक भारत के निर्माण को नई दिशा प्रदान की। उनका प्रगतिशील चिंतन आज भी सामाजिक जागरूकता का सशक्त संदेश देता है।

राजा राम मोहन राय के महान कार्यों एवं उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए जनसेवी वंशिका सोनकर ने कहा, राजा राम मोहन राय एक भारतीय सामाजिक-शिक्षा सुधारक थे, जिन्हें “आधुनिक भारत के निर्माता”, “आधुनिक भारत के पिता” और “बंगाल पुनर्जागरण के पिता” के नाम से भी जाना जाता था। उन्होंने 18 वीं शताब्दी के दौरान समाज में प्रचलित सामाजिक बुराइयों को खत्म करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया एवं आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी मातृभूमि को बेहतर जगह बनाने का हर संभव प्रयास किया।

वंशिका सोनकर ने कहा कि राजा राम मोहन राय एक महान ऐतिहासिक व्यक्ति थे। जिन्होंने भारत को बदलने के लिए सहरानीय प्रयास किए और पुरानी परंपराओं को चुनौती देने की हिम्मत दिखाई। उन्होंने समाज को बदलने के लिए बहुत सारे सामाजिक सुधार किए और भारत में महिलाओं की स्थिति को सुधारने के भी कई सारे प्रयास किये। राय ने सती प्रथा के खिलाफ लड़ाई लड़ी। वह एक महान विद्वान भी थे। जिन्होंने कई किताबें, धार्मिक और दार्शनिक कार्यों एवं शास्त्रों का बंगाली में अनुवाद किया और वैदिक ग्रंथों का अनुवाद अंग्रेजी में किया।

वंशिका सोनकर ने कहा कि मुगल सम्राट अकबर द्वितीय ने उन्हें ‘राजा’ की उपाधि दी। राजा राम मोहन राय इंग्लैंड की यात्रा करने वाले पहले शिक्षित भारतीय थे, वह मुगल सम्राट अकबर द्वितीय के राजदूत के रूप में इंग्लैंड गए थे। भारत के महान समाज सुधारक राजा राम मोहन राय जी की जयन्ती पर विनम्र अभिवादन।

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