दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण: वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बाद जीआरएपी चरण-1 प्रतिबंध लगाया गया

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण- I को लागू कर दिया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक आयोग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, क्षेत्र में (AQI) घटकर 211 हो गया, जो इसे ‘खराब’ के रूप में वर्गीकृत करता है।दिवाली से कुछ ही दिन पहले उठाया गया यह कदम भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के नवीनतम पूर्वानुमान के बाद आया है, जिसमें आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता खराब रहने की भविष्यवाणी की गई है।जीआरएपी पर उप-समिति ने मंगलवार को वायु गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा की और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में तत्काल प्रभाव से जीआरएपी के चरण- I के तहत सभी उपायों को लागू करने का निर्णय लिया। ये उपाय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद 13 दिसंबर, 2024 को CAQM द्वारा जारी व्यापक GRAP शेड्यूल का हिस्सा हैं।वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के लिए संबंधित एजेंसियों द्वारा चरण- I की कार्रवाइयों को लागू किया जाएगा, निगरानी की जाएगी और नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। निदेशक (तकनीकी) और जीआरएपी पर उप-समिति के सदस्य संयोजक आरके अग्रवाल ने कहा, “सभी कार्यान्वयन एजेंसियां सख्त निगरानी रखेंगी और मौजूदा जीआरएपी अनुसूची के उपायों को तेज करेंगी।” नागरिकों से GRAP चरण-I के तहत उल्लिखित नागरिक चार्टर का पालन करने का आग्रह किया गया है।उप-समिति आवश्यकतानुसार आगे निर्णय लेने के लिए आईएमडी और आईआईटीएम से वायु गुणवत्ता के रुझान और पूर्वानुमान की निगरानी जारी रखेगी।
(टैग्सटूट्रांसलेट)इंडिया(टी)इंडिया न्यूज(टी)इंडिया न्यूज टुडे(टी)टुडे न्यूज(टी)गूगल न्यूज(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग(टी)ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान(टी)वायु गुणवत्ता सूचकांक(टी)खराब वायु गुणवत्ता




