उत्तराखण्ड

किसानों के सशक्तिकरण से ही निकलेगा भारत को विश्वगुरु बनाने का रास्ता: विधायक राजकुमार पोरी

पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त से जिले के 60 हजार से अधिक किसानों को लाभ

डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में ₹12 करोड़ की धनराशि हस्तांतरित

 पौड़ी।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम के माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त का डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरण किया गया। इस अवसर पर जनपद के 60,093 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित हुए। किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 2000 रुपये प्रति कृषक की दर से कुल 12 करोड़ 01 लाख 86 हजार रुपये की धनराशि सीधे हस्तांतरित की गयी।

शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने जबकि जनपद के अन्य विकासखण्डों सहित अन्य छोटी इकाइयों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किसान सम्मान कार्यक्रम आयोजित किये गये।

विकास भवन में आयोजित किसान सम्मान कार्यक्रम में उपस्थित काश्तकारों को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि देश के प्रधानमंत्री किसानों के आर्थिक और सामाजिक उत्थान को लेकर गंभीर हैं। यह योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन स्पष्ट और दूरदर्शी है—वे किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों को सशक्त बनाकर भारत को आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनाने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाएं पारदर्शिता, जनहित और वास्तविक ज़रूरतों पर केंद्रित हैं, जिससे लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुँच रहा है। आने वाले समय में सरकार का उद्देश्य कृषकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आधुनिक कृषि उपकरणों तथा बाजार की जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वी.के. यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि विभाग जनपद के किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय कृषि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लगातार निर्देशित किया जा रहा है कि वे कृषकों को उन्नत तकनीक, जैविक खेती, फसल विविधता, जल संरक्षण तथा जलवायु आधारित खेती के तरीकों की नियमित जानकारी दें। विभाग द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर, जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से किसानों को योजनाओं की जानकारी दी जा रही है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और आधुनिक कृषि के माध्यम से बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।
जनपद में आयोजित विभिन्न किसान सम्मान निधि वितरण कार्यक्रमों में हजारों की संख्या में काश्तकारों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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